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Tuesday, 24 April 2012

man origin in hindi


चिंपैंजी के बसेरों ने दिया मानव जीवन का सुराग

Updated on: Wed, 18 Apr 2012 12:25 PM (IST)

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Chimpanzee nests offer clues to humans' descent from trees
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चिंपैंजी के बसेरों ने दिया मानव जीवन का सुराग
वाशिगटन। वैज्ञानिकों ने चिंपैंजी के बसेरों का अध्ययन कर यह जानने की कोशिश की है कि आदि मानव सबसे पहले कैसे पेड़ पर सोने के बजाय नीचे जमीन पर रहने लगा।
कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय और क्योदो विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों के एक दल ने पश्चिमी अफ्रीका में गुयाना के निम्बा पहाड़ियों में रहने वाले चिम्पैंजियों के बसेरों का अध्ययन किया।
चिम्पैंजी को अपना बसेरा बनाने में कुछ ही मिनट लगते हैं। वह शाखाओं को तोड़कर उन्हें मोड़कर गोलाकार बनाते हैं और फिर दूसरी शाखा से टिकाकर अपने सोने की जगह बना लेते हैं।
अध्ययन दल के अगुआ डा. काथेलिजने कूप्स के अनुसार ''हमारा मानना है कि आधुनिक बंदरों की तरह चिंपैंजियों के पूर्वज भी 60 लाख साल पहले पेड़ों पर सोते थे। ''
उन्होंने कहा ''लेकिन उनके जमीन के बसेरों के जीवाश्म अथवा पुरातत्व साक्ष्य नहीं होने से यह पता नहीं लग सका कि कब पेड़ों से नीचे आकर जमीन पर सोना उन्होंने शुरू किया। ''
निम्बा के चिंपैंजी मनुष्य का नजदीक आना बर्दाश्त नहीं करते इसलिए दल ने उनके बसेरों से विश्लेषण के लिए बाल एकत्रित करने के लिए नई मालीक्युलर जेनेटिक तकनीक का इस्तेमाल किया।
जर्नल पेलानोटोलाजी एण्ड आर्कियोलाजी में प्रकाशित रिपोर्ट में अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि चिंपैजी जमीन और पेड़ दोनों पर सोते थे लिहाजा पेड़ों से नीचे आने के क्रम में किसी खास विकासात्मक व्यवहार की जरूरत नहीं थी।
इसी तरह हो सकता है कि आदि मानव भी पेड़ पर सोने से पहले जमीन पर सोया हो और बाद में पूरी तरह जमीन पर रहने लगा हो। कूप्स के अनुसार ''यह दिलचस्प खोज है क्योंकि लम्बे समय से माना जाता रहा था कि पेड़ से नीचे आना विकासात्मक बदलाव रहा।''
पेड़ से नीचे आने के विकासात्मक क्रम का एक अन्य सिद्धान्त है आग का इस्तेमाल और फिर पेड़ों की कमी।
अध्ययन दल ने पाया कि जमीन पर सोने के लिए यह दोनों स्थितिया जरूरी नहीं रही होंगी क्योंकि चिंपैजी हरेभरे वर्षावनों में रहते हैं और आग नहीं जलाते। अध्ययन दर्शाता है कि हमारे पूर्वज ही एकमात्र अथवा पहले मानव थे जो पेड़ों से नीचे आकर रहने लगे।

what made the titanic sink in hindi


क्यों डूबा टाइटेनिक?

Updated on: Thu, 05 Apr 2012 11:10 AM (IST)

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What made the Titanic sink?
क्यों डूबा टाइटेनिक?
लंदन। टाइटेनिक जहाज सम्भवत: खराब गुणवत्ता के कीलों की वजह से डूबा, जिन पर जहाज की सतह को जोड़े रखने का दारोमदार था।
यह अनुमान एक शोध में जताया गया है। करीब एक शताब्दी पहले हुई इस घटना की नए सिरे से जांच के बाद जल वैज्ञानिक रिचर्ड कोरफील्ड ने कहा कि जहाज के डूबने की वजह खराब मौसम भी था, जिसके कारण आईसबर्ग सामने आया।
कोरफील्ड ने इस दिशा में दो धातु विज्ञानियों टिम फोएक और जेनिफर हूपर मैक्कार्टी के काम का उल्लेख किया है। उन्होंने बेलफास्ट, जहां टाइनेनिटक का निर्माण हुआ, से लेकर इससे जुड़े तमाम ऐतिहासिक तथ्यों के साथ अपने विश्लेषण को सम्बद्ध किया है।
उन्होंने पाया कि जिन कीलों पर जहाज की सतह को जोड़कर रखने का दारोमदार था, वे एक समान नहीं थे, उनकी गुणवत्ता भी ठीक नहीं थी और न ही उन्हे ठीक तरीके से लगाया गया था।
यह शोध रिपोर्ट 'फिजिक्स व‌र्ल्ड' नामक पत्रिका में प्रकाशित हुई है।
जहाज के डूबने के लिए खराब मौसम भी जिम्मेदार रहा। कैरिबियन सागर में मौसम जहां अपेक्षाकृत गर्म था, वहीं उत्तरी अटलांटिक सागर में मौसम ठंडा था, जिसकी वजह से समुद्र में आईसबर्ग आया और उससे टकराकर जहाज डूब गया।
source:-
www.jagaran.com

your genes is-where your niceness lies in hindi

जीन पर निर्भर करता है स्वभाव

Updated on: Mon, 16 Apr 2012 12:36 PM (IST)

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Your genes is where your niceness lies
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जीन पर निर्भर करता है स्वभाव
वाशिगटन। लोगों की अच्छाई या बुराई के लिए अक्सर उसके स्वभाव या उसके परवरिश को जिम्मेदार माना जाता है लेकिन वैज्ञानिकों का कहना है कि यह उनके जीन पर निर्भर करता है।
कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय और इर्विन स्थित बुफालो विश्वविद्यालय के अनुसंधानकर्ताओं ने लोगों के अच्छे होने का दो हार्मोन ऑक्सीटॉक्सीन और वैसोप्रेसिन के रिसेप्टर जीन के बीच संबंध पाया है। इस जीन का संबंध लोगों के अच्छे होने से है।
इस शोध के परिणाम विज्ञान पत्रिका 'साइकोलॉजिकल साइंस' में प्रकाशित हुए हैं।
शोध के परिणाम के अनुसार अगर आपके शरीर में ऑक्सीटॉक्सीन और वैसोप्रेसिन हार्मोन के रिसेप्टर जीन्स ज्यादा प्रभावी हैं तो आप ज्यादा अच्छे और सौम्य स्वभाव के होंगे।